देश भर में MSP पर आधारित कृषि उपज की नई घोषणा

Home <p data-start=”119″ data-end=”330″> </p><h4 data-start=”337″ data-end=”355″>प्रमुख समाचार</h4><p data-start=”357″ data-end=”748″>कृषि मंत्रालय ने आयोग फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेस (CACP) की सिफारिशों के आधार पर 22 अनिवार्य कृषि उपजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किए हैं। यह निर्णय राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के विचारों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। विस्तृत आंकड़ों…

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कृषि मंत्रालय ने आयोग फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेस (CACP) की सिफारिशों के आधार पर 22 अनिवार्य कृषि उपजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किए हैं। यह निर्णय राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के विचारों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। विस्तृत आंकड़ों और पिछले पाँच वर्षों में उत्पादन लागत एवं MSP में हुए परिवर्तनों का विवरण Annexure-I में संलग्न किया गया है।


MSP के निर्धारण और खरीद प्रक्रिया

1. MSP निर्धारण की प्रक्रिया:

  • सिफारिशें और विश्लेषण:
    • CACP की सिफारिशों के आधार पर 22 अनिवार्य कृषि उपजों के लिए MSP तय किए गए हैं।
    • उत्पादन लागत में वृद्धि एवं पिछले पाँच वर्षों में MSP में हुए परिवर्तनों का तुलनात्मक विवरण Annexure-I में उपलब्ध है।

2. खरीद प्रक्रिया:

  • अनाज एवं मोटे अनाज:
    • खाद्य निगम (FCI) और अन्य राज्य एजेंसियों के माध्यम से अनाज एवं मोटे अनाज की खरीद की जाती है, जिससे किसानों को मूल्य समर्थन प्रदान किया जा सके।
    • गेहूं और धान की खरीद की मात्रा का निर्धारण उत्पादन, विपणन योग्य अधिशेष एवं कृषि उपज पैटर्न के आधार पर राज्य सरकारों एवं FCI के सहयोग से किया जाता है।
  • मोटे अनाज:
    • राज्य सरकार द्वारा तैयार विस्तृत खरीद योजना के पश्चात्, GOI की पूर्व स्वीकृति प्राप्त होने पर किसानों से मोटे अनाज MSP पर खरीदे जाते हैं।
  • दालें, तेलबीज और नारियल:
    • प्रधानमंत्री अन्न सुरक्षा अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत कीमत समर्थन योजना के तहत, जब बाज़ार मूल्य MSP से नीचे गिरता है, तो इन उपजों की खरीद की जाती है।
    • National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India Ltd (NAFED) और National Co-operative Consumers’ Federation of India Ltd. (NCCF) इस प्रक्रिया में शामिल हैं।
    • केंद्रीय सरकार द्वारा कुल खरीद मात्रा उस सीजन/वर्ष की राष्ट्रीय उत्पादन का 25% तक ही सीमित रहेगी।
  • कपास एवं जूट:
    • कपास और जूट की खरीद Cotton Corporation of India (CCI) तथा Jute Corporation of India (JCI) के माध्यम से MSP पर की जाती है।
    • इन उपजों की खरीद पर कोई अधिकतम मात्रा सीमा नहीं है।

MSP में परिवर्तन का सारांश (Annexure-I)

Annexure-I में निम्नलिखित विवरण शामिल हैं:

  • खरीफ फसलों के लिए:
    • धान, ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, तूर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल और नाइजरसीड के लिए 2020-21 और 2024-25 के उत्पादन लागत, MSP एवं इनके बीच के अंतर का तुलनात्मक विवरण।
  • रबी फसलों के लिए:
    • गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और सफेद फूल (सैफ्लावर) के लिए 2021-22 और 2025-26 के उत्पादन लागत, MSP एवं परिवर्तनों का विवरण।
  • नारियल (कोपरा) एवं जूट के लिए:
    • 2021 एवं 2025 के नारियल (कोपरा) के उत्पादन लागत और MSP के साथ-साथ जूट के लिए 2021-22 एवं 2025-26 का तुलनात्मक विवरण।

मंत्रिमंडल की प्रतिक्रिया

आज लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण के राज्य मंत्री, श्री रामनाथ ठाकुर ने लिखित उत्तर में यह जानकारी प्रस्तुत की। इस निर्णय से किसानों को MSP के तहत सुनिश्चित मूल्य प्राप्ति के साथ-साथ, खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुगमता की उम्मीद जताई जा रही है।


निष्कर्ष

इस नई घोषणा से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कृषि उपज के लिए निर्धारित MSP किसानों के हित में काम करें। साथ ही, FCI, NAFED, NCCF, CCI एवं JCI जैसे संगठनों के माध्यम से समयबद्ध और प्रभावी खरीद प्रक्रिया के जरिए किसानों की आय में सुधार एवं कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सके।

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