सुप्रीम कोर्ट ने प्रदीप शर्मा को दी अग्रिम जमानत, FIR बरकरार | गुजरात सरकार बनाम आईएएस अधिकारी
गुजरात के भूमि आवंटन मामले में आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा के खिलाफ FIR बरकरार, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत। जानें फैसले के मुख्य बिंदु।
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गुजरात के भूमि आवंटन मामले में आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा के खिलाफ FIR बरकरार, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत। जानें फैसले के मुख्य बिंदु।

परिचय सुप्रीम न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री वीरेंद्र सिंह द्वारा सुनाए गए इस निर्णय में, हर्षित शर्मा की जमानत की अपील खारिज कर दी गई है। मामला NDPS एक्ट के अंतर्गत दर्ज अपराधों से संबंधित है, जहाँ आरोपी पर टैक्सी में 1.03 किलोग्राम चारस होने का आरोप है। मामले की पृष्ठभूमि हर्षित शर्मा, 21 वर्षीय युवा,…

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यमन में हूती विद्रोहियों पर ‘निर्णायक और शक्तिशाली’ हवाई हमलों की घोषणा की। जानिए कैसे इन हवाई हमले लाल सागर में व्यापार और सुरक्षा को प्रभावित किया।

1995 के दिल्ली हत्या केस में सुप्रीम कोर्ट ने विनोद कुमार को परिस्थितिजन्य सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिया। जानें न्यायिक प्रक्रिया और फैसले के मुख्य बिंदु।

सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी 2025 को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अध्यक्ष पद की नियुक्ति को अवैध ठहराया। जानें क्यों तीसरे प्रतिवादी के पास आवश्यक अनुभव नहीं था और कैसे चयन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी को कोर्ट ने उजागर किया।

परिचय 13 फरवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने के. कृष्णमूर्ति बनाम आयकर विभाग मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने आयकर अधिनियम की धारा 271AAA के तहत लगाए गए 4.78 करोड़ रुपए के दंड को घटाकर 2.49 करोड़ रुपए कर दिया। कोर्ट ने माना कि आयकर विभाग…

सुप्रीम कोर्ट ने सुमन मिश्रा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में दहेज और झूठे आरोपों वाली एफआईआर रद्द कर दी। जानें फैसले के प्रमुख बिंदु, कानूनी आधार, और इसका समाज पर प्रभाव।

न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवाई जन्म: 24 नवंबर 1960 (अमरावती)कार्यकाल: सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश (24 मई 2019 से)सेवानिवृत्ति तिथि: 23 नवंबर 2025 परिचय न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवाई की कहानी एक प्रेरणा है – अमरावती में जन्मे एक मध्यम वर्गीय परिवार से लेकर भारत के सुप्रीम कोर्ट तक का उनका सफर, जो कानून के प्रति उनकी अटूट…

जानिए 10 फरवरी 1962 में हिसार, हरियाणा में जन्मे, सबसे युवा एडवोकेट जनरल और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की प्रेरणादायक कहानी। पढ़ें उनकी शिक्षा, पेशेवर उपलब्धियाँ, हिमाचल प्रदेश के चीफ जस्टिस पद से लेकर सुप्रीम कोर्ट में उच्च पद तक का सफर।

भारत के न्यायिक इतिहास में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का नाम एक प्रतिष्ठित और विद्वान न्यायाधीश के रूप में लिया जाता है। वे 18 जनवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए और अब वे भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश हैं।