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सुनील छेत्री: भारतीय फुटबॉल का चमकता सितारा
नई दिल्ली, 18 मार्च 2025 – भारतीय फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में से एक, सुनील छेत्री, ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्हें ‘कैप्टन फैंटास्टिक’ के नाम से जाना जाता है और वह इंडियन सुपर लीग क्लब बेंगलुरु एफसी और भारतीय राष्ट्रीय टीम के कप्तान हैं।
भारत ने मालदीव को 3-0 से हराया, छेत्री की शानदार वापसी
शिलांग, 18 मार्च 2025 – भारतीय फुटबॉल टीम ने एक शानदार प्रदर्शन करते हुए मालदीव को 3-0 से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस मुकाबले में सबसे खास बात यह रही कि सुनील छेत्री ने संन्यास से वापसी करते हुए पहली बार टीम की अगुवाई की और गोल भी दागा।
मैच के 35वें मिनट में राहुल भेके ने एक शानदार हेडर के जरिए पहला गोल दागा, जिससे भारत को बढ़त मिली। इसके बाद 66वें मिनट में लिस्टन कोलाको ने एक और बेहतरीन हेडर लगाकर टीम को 2-0 की बढ़त दिलाई। 76वें मिनट में भारतीय कप्तान सुनील छेत्री ने अपनी बहुप्रतीक्षित वापसी को यादगार बनाते हुए एक जबरदस्त हेडर के जरिए गोल दागा और स्कोर 3-0 कर दिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अपने शानदार फॉर्म को जारी रखा और छेत्री ने दिखा दिया कि वह अभी भी टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
प्रारंभिक जीवन और फुटबॉल की शुरुआत
सुनील छेत्री का जन्म 3 अगस्त 1984 को सिकंदराबाद, आंध्र प्रदेश में हुआ था। उनकी माता और बहनों ने नेपाल की महिला फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया था, जिससे उन्हें फुटबॉल खेलने की प्रेरणा मिली। उनके पिता भारतीय सेना में कार्यरत थे, लेकिन उनका स्थानांतरण कभी भी सुनील के फुटबॉल के प्रति जुनून को कम नहीं कर पाया।
17 वर्ष की उम्र में सुनील ने दिल्ली में फुटबॉल खेलना शुरू किया और जल्द ही मोहन बागान क्लब ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। 2002 में उन्होंने इस क्लब के साथ अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की।
अंतर्राष्ट्रीय करियर और प्रमुख उपलब्धियां
अंतर्राष्ट्रीय गोल स्कोरिंग रिकॉर्ड
सुनील छेत्री दुनिया के उन चुनिंदा फुटबॉल खिलाड़ियों में से हैं, जिन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी के बाद सबसे अधिक अंतर्राष्ट्रीय गोल किए हैं।भारत को जीत दिलाई
उन्होंने भारत को 2007, 2009 और 2012 में नेहरू कप, 2011 सैफ चैम्पियनशिप, और 2008 एएफसी चैलेंज कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।एशियाई फुटबॉल महासंघ (AFC) द्वारा ‘एशियन आइकन’ सम्मान
उनके 34वें जन्मदिन पर AFC ने उन्हें ‘एशियाई आइकन’ का खिताब दिया।2021 में पेले और मेसी को पछाड़ा
2021 में सैफ चैम्पियनशिप में नेपाल के खिलाफ गोल करके उन्होंने पेले के 77 गोलों की बराबरी की और फिर लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए।
क्लब करियर और विदेशी लीग में अनुभव
सुनील छेत्री ने जेसीटी, मोहन बागान, चिराग यूनाइटेड, और बेंगलुरु एफसी जैसी टीमों के लिए खेला। उन्होंने 2010 में कैनसस सिटी विजार्ड्स के साथ मेजर लीग सॉकर (MLS) में जाने का निर्णय लिया, जिससे वह विदेशी क्लब में खेलने वाले तीसरे भारतीय फुटबॉलर बने। 2012 में वह स्पोर्टिंग क्लब डी पुर्तगाल के रिज़र्व टीम के लिए भी खेले।
भारतीय फुटबॉल में योगदान
छेत्री ने भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने भारत को एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करवाया और युवाओं को फुटबॉल के प्रति प्रेरित किया।
व्यक्तिगत पुरस्कार और सम्मान
छह बार AIFF प्लेयर ऑफ द ईयर (2007, 2011, 2013, 2014, 2017, 2018-19)
अर्जुन पुरस्कार विजेता
NDTV प्लेयर ऑफ द ईयर (2007)
सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय गोल करने वाले भारतीय खिलाड़ी (अब तक 95 गोल)
निष्कर्ष
सुनील छेत्री का सफर हर युवा फुटबॉलर के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अपने खेल और नेतृत्व क्षमता से भारत का नाम फुटबॉल जगत में ऊंचा किया है। उनके प्रयासों से भारतीय फुटबॉल को वैश्विक पहचान मिली है और आने वाले वर्षों में वह और भी उपलब्धियां हासिल करने की ओर अग्रसर हैं।
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